MAMMI MAUSAJI AUR MAUSI PAPA KI GROUP CHUDAI DEKHI

मेरा नाम अमित है | मैं देल्ही का रहने वाला हूँ| मेरे पापा मनिंदर उम्र 50, मेरी माँ इंदिरा 47 साल की है. मेरे मा-बाप बड़े ही चुदक्कड हैं. मैं उनकी चुदाई बचपन से ही देखते आ रहा हूँ. कई बार मेरे पापा मम्मी को मेरे सामने ही चोदने लग जाते हैं उन्हे हमारे सामने छोड़ने में मज़ा आता है. इसलिए मेरी मम्मी हमेशा ही घर में आधी नंगी घूमती रहती है कभी उसका एक चूचा तो कभी दोनो चूचे बाहर लटकते रहते हैं. अब मैं कहानी पर आता हूँ. एक बार मेरे मौसी मौसाजी मेरे घर आते हैं. मौसाजी का नाम महिंदर है उम्र 48 तथा मौसी का नाम वर्षा है उम्र 45. मौसी भी मेरी मम्मी की तरह ही बड़े बड़े बूब्स गदराया हुआ बदन गोल गहरी नाभि और बड़ी गान्ड वाली है. मौसा मौसी भी बड़े चुदक्कड हैं वो भी अपने घर में नंगे घूमते हैं और चुदाई करते रहते हैं. और जब भी मौसी मौसाजी हमारे घर आते हैं तो मम्मी पापा मौसी मौसाजी मिलके चुदाई करते हैं. मौसी के अंदर आते ही मम्मी उसे गले से लगा लेती है और फिर मौसजी से गले मिलती है और उन्हे गाल पर चुम्मि दे देती है और उन्हे बैठने के लिए बोलती है और नाश्ता लगाने चली जाती है. इतने में पापा नाहकार नंगे ही बाहर आते हैं. मौसी मौसाजी उन्हे देख कर ह्स देते हैं और उनके गले मिलते हैं. पापा मनिंदर नंगे ही सोफे पर बैठ जाते हैं तथा मौसी को अपनी गोदी में बिठा लेते हैं. वर्षा मौसी पापा के लंड को हाथ मैं ले लेती हैं और पापा मौसी का ब्लाउस खोल कर उनके चूचे दबाने लगते हैं. मम्मी शरबत लेके आती है और मौसाजी की गोदी मैं बैठ जाती है. मौसाजी मम्मी की नाभि में उंगली करने लगते हैं और उस उंगली को मम्मी से चटवाते हैं. मम्मी कहती है

मम्मी – महिंदर अपने कपड़े तो उतरो.

मौसाजी – हाँ मेरी इंदिरा रानी अभी उतार देता हूँ कपड़े.

मौसाजी पूरे नंगे हो जाते हैं तथा मम्मी के ब्लाउस और पेटिकोट को उतार देते हैं. मम्मी ने ब्रा पैंटी नही पहनी होती है और वो मौसाजी के सामने पूरी नंगी हो जाती है और मौसी को बोलती है की वर्षा रंडी क्या कपड़े पहने हुए है उतार दे कपड़े और हो जा नंगी और अपने जीजू से अपनी गंद चटवा. मौसी नंगी हो जाती है और पापा से अपनी गान्ड चटवाने लगती है और मम्मी को कहती है की इंदिरा रंडी तू भी ज़रा अपने जीजू का लंड तो चूस. मम्मी घुटनो के बाल बैठ जाती हैं और मौसाजी का लंड मूह मे ले लेती हैं , पहले जो मौसाजी के लंड के सुपाडे को चाटने लगती है फिर उसे मूह मैं लेकेर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगती है.

मौसाजी – इंदिरा क्या मस्त लंड चुस्ती है रे तू किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह. काश वर्षा भी तेरी तरह लंड चूसने में माहिर होती. मेरे लंड को चूस के ही तू मस्त कर देती है मेरी रंडी.

मौसी को थोड़ी जलन होने लगती है और पापा से अपनी गान्ड और चूत चटवाते हुए कहती है की ये रंडी तो बचपन से ही लंड चूसने लगी थी. ग्यारे साल की उम्र में इसने हमारे पड़ोसी मुस्लिम चाचा अकरम का लंड मूह में लिया था तब से ही साली रोज दो बार अकरम चाचा का लंड चुस्ती आ रही है. अब भी जब कभी घर जाती है उस बुड्ढे का लंड खड़ा हो जाता हैं और ये उसके लंड को शांत करके आती है. अकरम चाचा ने अपने दोस्तों के लंड भी इससे चुस्वाए हैं. साली ने इतने लंड चूसे हैं की अपने आप ये लंड चूसने में माहिर हो गयी. मम्मी मौसाजी का लंड मूह से बाहर निकालके कहती है .

मम्मी – चुप साली रंडी तू भी मेरे लंड चूसने के बाद रोज अकरम चाचा के पास जाती थी और अपनी चूत और नाभि चटवाया करती थी. और उसका बेटा सलमान रोज तेरी गान्ड भी मारा करता था.

पापा – तुम दोनो तो हो ही रंडिया और तुमहारि माँ भी कम नहीं थी. तुम तीनो ही अकरम और उसके बेटे की रंडिया बनी हुई थी.

अब पापा मौसी को सोफे पर लिटा देते हैं और उसके पर चड कर अपना लंड मौसी के मूह मे दे देते हैं. उधर मम्मी और मौसाजी 69 पोज़िशन में आ जाते हैं. मम्मी मौसाजी के गोटे चाटने लगती है और मौसाजी मम्मी की चूत चाटते हुए उनकी गान्ड में उंगली करते हैं.

अब वो चारो उठ कर बेडरूम में चले जाते हैं. पापा और मौसाजी बिस्तर पर लेट जाते हैं.

मौसाजी – इंदिरा रानी आओ और मेरे लंड पर बैठ जाओ.

पापा – वर्षा तू भी मेरे उपर आ और अपनी गान्ड में मेरा लंड ले.

मम्मी मौसजी के लंड पर अपनी चूत लगा देते है और लंड पूरा अपनी छूट में लेकर लंड पर उछलने लगती है. मौसी भी पापा का पूरा लंड अपनी गान्ड में ले जाती है और सिसकारियाँ लेते हुए उछलने लगती है. पूरा कमरा मम्मी और मौसी की सिसकारियों और चूत लंड की चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगता है. मम्मी और मौसी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए झाड़ जाती हैं. अब वो लोग पोज़िशन चेंज करते हैं. मम्मी पापा के उपर पीठ के बाल लेट जाती है और पापा मम्मी की छूट में अपना लंड डाल देते हैं. मौसी घोड़ी बनकर मम्मी के उपर आ जाती है और मम्मी के होठों को अपने होठों से चुस्ती है. मौसाजी पीछे से मौसी की चूत चोद रहे होते हैं. पापा का मूठ निकलने वाला होता है और वो मम्मी के नीचे से निकलकर अपना मूठ मम्मी की नाभि और पेट पर निकाल देते हैं. मौसी मम्मी के पेट से पापा का सारा मूठ पी जाती है और नाभि को चाट चाट कर साफ कर देती है और मम्मी की चूत चाटने लगती हैं. पापा मम्मी के मूह में अपना लंड दे देकर उसे साफ करवाते हैं. मौसाजी मौसी की चुदाई करने मे मस्त होते हैं और पापा मम्मी के बूब्स चूस रहे होते हैं. थोड़ी देर मम्मी के बूब्स चूसने के बाद पापा मौसी के नीचे जाते हैं और और मौसाजी के गोटे चूसने लगते हैं.

मौसाजी – वर्षा मैं झड़ने वाला हूँ तू सीधी हो जा.

मौसी दोनो हाथ उपर किए सीधी बिस्तर पर लेट जाती है और मौसाजी मौसी की नाभि तथा बगल में अपना मूठ निकाल देते हैं. मम्मी पहले मौसी की नाभि से मौसाजी का मूठ चाटती है फिर उसकी बगल से मूठ साफ कर देती हैं, मौसाजी मौसी की बगल चाटते हैं और बूब्स चुसते हैं और पापा मौसी की चूत से मौसाजी का मूठ साफ कर देते हैं. और फिर मम्मी मौसाजी के लंड को मूह मे ले लेती हैं और उसपे लगा हुआ मौसी के चूत का रस पी जाती हैं.

आपको मेरी कहानी केसी लगी ये मुझे मैल करके फीडबॅक ज़रूर दें. मेरी मैल अड्रेस- [email protected]

मुझे आपके मेल्स का इंतजार रहेगा तथा मुझे और कहानी लिखने की प्रेरणा मिलेगी.

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